गुरुवार, 11 अगस्त 2011

उसी का साया…

 

alone_departed इस दिल को कभी कोई इतना नहीं था भाया
कि बस वो लगे अपना बाकी हर कोई पराया,
है दूर मुझसे यकीनन तो क्या हुआ,
चलता है आज भी मेरे साथ उसी का साया||


कुछ मौसम यूँ बदला कि बस तन्हाई साथ है,
दिल में उसी की हलचल, होठों पे उसी की बात है,
इस मोहब्बत ने भी हमसे क्या क्या न करवाया,
चलता है आज भी मेरे साथ उसी का साया||

 
इस रात में गर साथ है, तो बस उसी कि यादें,
तन्हाई है तराना अपना, हर साज़ उसी की यादें,
अब तक सिर्फ मैंने उसे ही है अपनाया,
चलता है आज भी मेरे साथ उसी का साया||

4 टिप्‍पणियां: